Sunday, May 27, 2007
मेरी पहली पोस्ट
कुछ दिनो पहले ही जाना नारद के बारे मे, जानकर अच्छा लगा , इच्छा हुई शामिल होने की , उन लिखारियॊ का प्रयास सराहनीय हॆ जो ऎक नई दिशा दे रहे हॆ मानवता की सोच को , सच मे आज जरूरत हॆ भटके राहगिरो को सही राह दिखाने की, जो भटक कर खो गय़े हॆ झूठे आड्म्बरो मे, चल रहे हॆ दिशा विहीन , मै आभारी हूँ परमजीत जी का जिन्होने मुझे चिट्ठा लिखने के लिए प्रेरित किया । आइय़े मिलकर प्रयास करे . . . . . .
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7 comments:
ओशो जी ,आप का चिट्ठा देख कर मन प्रसन्न हुआ। आशा है अब आप के विचारो से हम लाभ उठा
सकेगें।
क्या बात है ... वाह !! स्वागत है आपका ब्लॉगलैंड में. .....परमजीत भाई , आपको भी धन्यवाद .
स्वागत आपका।
शुभकामनाएं
हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है ओशो जी। आशा है आपके सुंदर विचार पढ़ने को मिलते रहेंगे।
ई-पंडित
स्वागत आपका. अनेक शुभकामनाएं
अरे! बाबा ये कौन आँख बंदकर के बैठा है?
ओशोजी,
अभिनन्दन ।
मैं क्या आपका स्वागत करूं, मैं खुद इस दुनिया में 'नवजात' हूं । मेरी पैदाइश 20 मई की है ।
आपके अनुभवों से मुझे भी सम़्रध्द कीजिएगा ।
शुभ कामनाएं ।
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